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यह ब्लॉग भारतीय इतिहास और विरासत की घटनाओं को दर्शाता है। हमें उन्हें नहीं भूलना चाहिए। ये घटनाएँ हमें सदैव सीखने के अवसर प्रदान करती हैं। 

This Blog showcases incidents from Indian History and heritage. Let us not forget them. They offer us lessons to learn.

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नया लेख:

हिन्दुत्त्व - विज्ञान अथवा अंध-विश्वास

आज की हिन्दू युवा पीढ़ी अपने कई रीति-रिवाजों को भली प्रकार समझ न पाने के कारण उन्हें अंध-विश्वास मान लेती है चूँकि समाज में प्रचिलित ये प्रथाएं उनकी बुद्धि की कसौटी पर खरी नहीं उतरती हैं। युवा पीढ़ी के मन में जिज्ञासा, शंका व प्रश्नों का समाधान नहीं होने से उसमें इन प्रथाओं के प्रति उदासीनता व अलगाव आने लगता है। उसे ऐसे में ये प्रथाएं ही नहीं अपितु इनसे जुड़ा पूरा तंत्र अंध-विश्वास, पाखंड, ढकोसला आदि सा लगने लगता है।    …………….

हमें अपने वैदिक सनातन हिन्दू धर्म के मूल स्वरूप से परिचित होना होगा। तभी हम अपनी मान्यताओं के विज्ञान को भलीभाँति समझ पाएंगे और आने वाली पीढ़ी को उसके संबंध में बता पाएंगे। वैदिक धर्म प्राचीनतम है। यह किसी जाति अथवा समाज विशेष के लिए नहीं अपितु सम्पूर्ण मानवजाति के लिए है। इसका जन्म प्रकृति के भय अथवा सामाजिक परिस्थितियों के कारण नहीं हुआ है। वेदों, उपनिषदों व शास्त्रों में हमारे ऋषि-मुनियों का प्रकृति व ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों के गहन अध्ययन व शोध का अनुभव है। यह योगदान व अनुभव किसी एक व्यक्ति का नहीं अपितु पीढ़ी दर पीढ़ी अनेकों ऋषि-मुनियों के चिंतन-मनन का परिणाम है।   

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New Article:

Hinduism - Science or Superstition

Today's Hindu young generation does not understand many of their customs properly and considers them as superstitions because these practices prevalent in the society seem to be illogical, unreasonable and do not satisfy the intelligence of the young generation. As the curiosity, doubts and questions in the minds of the young generation do not get answered, a feeling of indifference and rejection towards the customs and practices starts arising in them. In such a situation, not only these practices, but the whole system associated with them seems like superstition, fraud, hypocrisy, etc.      …………..

We have to be familiar with the original form of our Vedic Sanātan Hindu religion. Only then we will be able to understand the science of our beliefs and will be able to tell about it to the coming generations. Vedic religion is the oldest. It is not for any particular caste or society but for the entire human race and is not born due to fear of nature or social conditions. The Veds, Upanishads and Shāstrs contain the experiences of extensive study and research of the deep secrets of nature and the universe done by our sages. This contribution and experience is not the result of a single person, but is the result of contemplation and meditation of many sages, generation after generation.

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