Page04_edited.jpg

१९८४ (1984) मे दिल्ली विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक की डिग्री लेने के पश्चात मैंने बर्लिन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जर्मनी) से "इलेक्ट्रोटेक्नीक" में स्नातकोत्तर की उपाधि ली।  १९९७ (1997) से मै "सेमी-कंडक्टर" क्षेत्र में कार्यरत हूँ। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने के कारण मुझे पश्चिमी-यूरोप के लगभग सभी देशों, अमरीका, चीन, जापान व मध्य-एशिया में बार-बार जाने के अवसर मिले। इन विदेश यात्राओं के बीच २००६ से २०११ (2006 - 2011) के अंतराल में दुबई मे साढ़े पांच वर्ष रहने का अवसर मिला।   

भिन्न-भिन्न संस्कृति के लोगो से मिलना, उनके संग निरंतर कार्य करना, नित नए अनुभवों से भरा रहा। प्रत्येक देश के लोगों की सोच भिन्न है, उनकी कार्य-शैली, उनकी अपने समाज, अपने देश व विश्व के प्रति दृष्टिकोण व स्वभाव भिन्न है। इतनी भिन्नता होने के बाद भी कुछ समानताऐं जो मुझे सदैव प्रत्येक देश के लोगों में देखने को मिली वे थीं उनका अपने देश व अपनी परंपराओं के प्रति प्रेम तथा देश के राजनेताओं के प्रति असंतुष्टि की भावना (संयुक्त अमीरात व चीन में राजनेताओं के प्रति ऐसी भावना नहीं मिली)। पश्चिम के लोगों के संग "भारत की जनसंख्या, गरीबी व जातिवाद" सदैव चर्चा का विषय रहे।

इस ब्लाग के लेखों के अंग्रेजी अनुवाद में सहयोग के लिए मैं अपनी धर्मपत्नी आरती 
व विशेषकर पारिवारिक मित्र श्रीमती मंजू जी का बहुत आभारी हूँ जो इस कार्य में प्रत्येक सप्ताह अपना निजी समय दें रहीं हैं। 

इस प्रयोजन को सफल बनाने के लिए मै आप सभी को इस यज्ञ में अपने अनुभवों, अपने विचारों व ज्ञान तथा अपने समय की आहुति देने के लिए आमंत्रित करता हूँ।

हम भारतीय इतिहास और विरासत को न भूलें।

लेख ब्लाग 

After obtaining a Bachelor of Science degree from the University of Delhi in 1984, I completed my Master's degree in "Electrotechnics" from Technical University, Berlin (Germany). I have been working in the field of "Semiconductors" since 1997. My work in international companies has given me opportunities to visit almost all the countries of Western-Europe, USA, China, Japan, Central-Asia and Dubai where I lived  for about five and a half years between 2006 to 2011.

 

Meeting people from different cultures and continuously working with them was always full of new experiences. The thought process of the people of every country, their working style, attitude and feelings towards their society, their country and the world is different. Despite these differences I always found some similarities in the people of each country and they were: their love for their country and their traditions and a feeling of dissatisfaction towards their politicians (with the exception of United Arab Emirates and China). "India's population, poverty and caste-system" have always been the subject of discussions in the West.

 

For the English translations of the articles I am very thankful to my wife Aarti and especially to family friend Mrs. Manju ji who is giving her personal time every week for it.

 

To make this purpose a success, I invite all of you to contribute with your experiences, thoughts, knowledge and your valuable time.

Let us not forget the Indian history and heritage.

 Article Blog

हम न भूलें भूले अन्न पानी हवा इस्लाम उदारता जनसंख्या गरीबी जातिवाद निरक्षरता स्वास्थ्य प्रदुषण प्रौद्योगिकी ब्लॉग भारत भारतीय इतिहास विरासत शिक्षा श्रीमद भगवत गीता धर्म संस्कृति समाज सनातन ईसाई

Blog culture education geeta hinduism hindu religion illetracy generosity hum naa bhooleen na bhulen bhuleen health soceity pollution india indian history heritage islam population poverty caste-system food water air technology christian 

© 2020-2023: All Rights Reserved / सर्वाधिकार सुरक्षित